आचार संहिता उल्लंघन में फंसे मुख्यमंत्री
आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की जद में मुख्यमंत्री रघुवर दास भी आ गए हैं। चुनाव आयोग ने उनके ट्वीट को हटाने का आदेश दिया है। यह जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल ख्यांगते ने दी। इस ट्वीट में मुख्यमंत्री ने छत्तीसढ़ के नक्सली हमले में शहीद मो. इसरार के परिजनों को 10 लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की थी। मो. इसरार धनबाद जिले के झरिया के निवासी थे।
राजनीतिक दलों की शिकायत पर चुनाव आयोग ने धनबाद के जिला निर्वाची पदाधिकारी से इसकी रिपोर्ट मांगी थी। इसमें जिला निर्वाची पदाधिकारी की ओर से मुख्यमंत्री की ओर से घोषणा की बात को सही ठहराया गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है। इस आधार पर झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को जरूरी कार्रवाई के लिए कहा है। हालांकि, शहीदों के परिजनों को 10 लाख रुपए देने का प्रावधान केंद्र सरकार की नीतियों के तहत है। इसके बावजूद चुनाव की अधिसूचना के बाद मुख्यमंत्री की ओर से निजी तौर पर की गई घोषणा को आचार संहिता का उल्लंघन बताया है।
आयोग के आपत्ति जताने पर ट्वीट हटाया
मो. इसरार पिछले पांच अप्रैल को छत्तीसगढ़ में शहीद हुए थे। सात अप्रैल को उनका पार्थिव शरीर झरिया आया। उसी दिन मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की। इसे बाद में मुख्यमंत्री के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर भी डाला गया। निर्वाचन आयोग की ओर से इस पर आपत्ति जताने के बात इस ट्वीट को हटा लिया गया है।
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