रांची से सांसद रामटहल चौधरी का भाजपा से इस्तीफा, निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा














  • रांची. लोकसभा टिकट नहीं मिलने से नाखुश रांची के भाजपा सांसद रामटहल चौधरी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। बुधवार को प्रेस वार्ता में इसकी घोषणा करते हुए उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा को भेजे गए त्याग पत्र को सार्वजनिक किया। चौधरी ने भाजपा के अन्य तीनों बेटिकट सांसदों का आह्वान किया कि वे भी उनकी तरह हिम्मत दिखाएं। यही सही समय है कि वे भाजपा का मोह छोड़, अपने-अपने क्षेत्रों से चुनाव लड़ें और संगठन को हाइजैक किए लोगों को उनकी औकात दिखाएं। 


    जिन सांसदों के टिकट काटे गए, वे सभी जीतने वाले उम्मीदवार: रामटहल
    रामटहल ने कहा कि झारखंड के जिन भाजपा सांसदों के टिकट काटे गए, वे सभी जीतने वाले उम्मीदवार थे। टिकट काटने के बाद अब यहां से भाजपा हार के कगार पर खड़ी है। यह सब कुछ खास लोगों के घमंड का नतीजा है। हम इस चुनाव में ऐसे लोगों के घमंड को चूर-चूर करेंगे। फिर से भाजपा में जाने के सवाल पर चौधरी ने कहा कि बड़ी ही मुश्किल से वे भाजपा के दलदल से बाहर निकले हैं, अब फिर से इस पार्टी में शामिल नहीं होंगे। अगर किसी ने उन्हें मनाने के बारे में सोचा है तो वे गफलत में हैं। कहे देता हूं, जो मनाने आएगा, वह बेइज्जत होकर वापस जाएगा। 


    सैकड़ों भाजपाई देंगे इस्तीफा, दो दिन में मेरा बेटा रणधीर चौधरी भी करेगा फैसला


    रामटहल ने दावा किया कि उनके समर्थन में सैकड़ों भाजपाई इस्तीफा देंगे। रांची ग्रामीण अध्यक्ष और अपने बेटे रणधीर चौधरी के बारे में रामटहल ने कहा कि दो दिनों के अंदर रणधीर भी भाजपा में बने रहने पर फैसला ले लेंगे। इस बारे में पूछे जाने पर रणधीर ने भी स्वीकार किया कि दो दिन के अंदर वे इस बारे में निर्णय ले लेंगे।  


    सौदान सिंह ने कहा था कि स्वेच्छा से चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा करें


    रामटहल चौधरी ने एक बार फिर प्रेस वार्ता में कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह ने उनको स्वेच्छा से चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा करने को कहा था। पर, उसी समय उन्होंने इसका विरोघ करते हुए कहा दिया था कि वे चुनाव लड़ेंगे। रामटहल ने कहा कि उनके टिकट कटने से क्षेत्र के कार्यकर्ता समेत पार्टी के जिला और प्रादेशिक स्तर के नेता भी दुखी हैं।




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